मैथिली क उपेक्षा आब आओर नहि कैल जा सकैत अछि। अपन भावनाक सबस नीक जेकां व्यक्त करबा लेल मातृभाषा स नीक कोनो जरिया नहि होइत अछि। मातृभाषाक सम्मान केला स कोनो आन भाषाक विरोध या अपमान क सवाल नहि अछि। कहब छल जे मैथिलीक विकास स मिथिला आ बिहारक विकास संभव अछि। ओना जहां तक मैथिलीक सवाल अछि, इ भारतक सबस मीठ भाषा अछि, साहित्य समृद्ध अछि आइ अखबार सेहो निकलि गेल। आब समाद क जरिए मिथिला क्षेत्र क संस्कृति आ विचार क पहचान क दायरा पैघ होयत। देश मे मिथिलांचल एकटा एहन क्षेत्र क रूप मे जानल जाइत अछि, जाहि ठाम धार्मिक छुआछूत नहि अछि। जे देश मे मिथिलांचल एकटा एहन क्षेत्र क रूप मे जानल जाइत अछि, जाहि ठाम धार्मिक छुआछूत नहि नहि अछि। अटल बिहारी वाजपेयी क प्रधानमंत्रित्वकाल मे मैथिली कए आठम अनुसूची मे शामिल करबेवा लेल काफी मेहनत करय पड़ल। संयोग स वाजपेयी सरकार मे शाहनवाज एक मात्र एहन कैबिनेट मंत्री छलाह जे मैथिली भाषी छलाह। अन्य बिहारी आ मैथिल मंत्रीक कहब छल जे भोजपुरी कए पहिने शामिल कैल जाए। राजधानी दिल्ली मे मैथिलक संख्या लाख से ऊपर अछिए एहन मे हमरा बस कए संगठित रूप स सामने एबाक चाही, जाहि मे समाद परिवार मदद करि सकैत अछि। एकटा पैघ मैथिली सम्मेलन करेबाक योजना बना रहल छ। जाहि मे मैथिली आ मिथिला स जुड़ल लोक कए एक ठाम अनबाक प्रयास कैल जाइत। एहि सम्मेलन क जरिए विभिन्न राजनेता, बुद्घिजीवी, अधिकारी, पत्रकार सहित समाज क अन्य लोक कए एकटा मंच पर अनबाक चाही।
Dhanyabad
Kumod Choudhary
President : Mithila Vikash Sena
Mob : 09748532929
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