Saturday, May 8, 2010

Jati Adharit Janganna ka Akhil Bhartiya Mithila Vikash Sena Birodh Karata Hi

आदरणीय मिथिला बंधू ,

बिषय : जाती आधारित जनगणना के हम सब बिरोध कर रहे हैं , भासा आधारित जनगणना का हम समर्थन करते हैं

आय कैल में लोकसभा आर राज्यसभा में गूंज रहल अछि जाती आधारित जनगणना , लेकिन जाती आधारित जनगणना के हम आर हमर अखिल भारतीय विकाश सेना जोरदार तरीका से विरोध करी रहल छीक, अखंका समय में भारत के शरकार जाती आधारित जनगणना करा के की समझाबे चाहेत अच्छी से हमारा नहीं पता चली रहल अच्छी, वर्ष 1931 में अंग्रेजी शासक इ जाती आधारित जनगणना करेने छल. व्ह्ही के जाती आधारित जनगणना के नक़ल इ कांग्रेस गवर्नमेंट करा रहल छित . आब हम हिंदी में लिथ रहल छीक से मिथिला प्रेमी बुरा नहीं मनाब कीयाक ते कतेक लोक हिंदी में पढ़े बाला सेहो छिथ , हमारे देश में कांग्रेस रूप में जो गवर्नमेंट अवि के समय में अंग्रेजी शासक ka नक़ल kar raha hi iska kiya matalab huaa aaplog jante hi kiya ? Congressi गवर्नमेंट ka हम log pur jor से विरोध karata hu , Hum regional language के aadhar par yadi जनगणना hota to हम log uska samarthan karte aur karenge, kiyoki regional languaage के aadhar pa yadi जनगणना hota hi to ek chota sa rajaya bannene के liye 3 ,0000000 [ 3 karor ] population चाहिए. इसीलिए भारत के बर्तमान सर्कार ने बड़ी चलिके से रेगिओनल हिसाब से जनगणना न कर्बके जाती आधारित जनगणना करबा रहा ही. अतः हम लोग पुरे मिथिलांचल वाशी से अनुरोध करता हु जो हमारा मेल पढ़ रहे है , वह ये मेल पढ़ ले और पुरे देश में जिन्जिंको आपना दोस्त ही केबल मिथिलांचल वाशी को ये मेल फॉरवर्ड कर दे जो , जाती आधिरित जनगणना का विरोध करने के लिए. आप को मालूम की , इस समय हमलोगों ने भारत सर्कार से आपना मिथिलांचल राज्य के मांग के लिए दबाब दल रहा हूँ और अलग से तेलन्गाना राज्य का मांग हो रहा है, इसी से भारत सर्कार घबरा कर के जाती आधारित जनगणना करबा रहा ही , इसीमे जो जाट पट है उसको देखने से किया मतलब बनता है. अतः क्षेत्रीय आधारित जनगणना में हमलोगों का राज्य अलग जरुर बन जा सकता ही कियोकी हमलोगों का जन्श्न्खिया लगवाग ६००००००० [ छः करोर ] है. इसीलिए हम पूरा मिथिलांचल वाशी से अन्नुरोधा करता हुं की जब जनगणना करने वाले हमलोगों के द्वार पर जावे तो अपने घर में जर कह दीजिये गा की हमारी मत्री भाषा मैथिलि ही, लिखवाने के लिए, अखिल भारतीय मिथिला विकाश सेना से भारत बर्ष के सरकार और बिहार सरकार दर से गए है की मिथिलांचल में उनलोगों का बर्चास्वा कही कम न हो जाये , हुं लोगो का अलग से जिन २८ जिला [ अट्ठाईस जिला ] का मांग कर रहे है , वोह जिला हमें भारत सरकार और बिहार सरकार वापस दे दे , जिससे हमारे मिथिला वाशी को कल्याण होगा और हमलोग बिहारी न कहालाके आदरनिये मिथिलांचल वाशी कह लायेंगे , जैसे झारखंडी लोग अभी झारखण्ड वाशी कहलाते है. इसी बार हुं लोगो ने निर्णय किया हु की हमलोगों का सेना आने वाले बिधान सभा के इलेक्शन में मिथिलांचल का वेश लेकर इलेक्शन लारेंगे , और लालू जी की सरकार, नितीश जी की सरकार, या कांग्रेस की सरकार, या रामबिलास जी की सरकार को हम लोग चुनोती देंगे की किया मिथिलांचल के वाशी चाहते है, आपलोग सायेद जानते है की नहीं झंझारपुर में कमला नदी के ऊपर में जो रेल ब्रिज हिई अंग्रेज के सषक ने जो बनबा के गया वोही आज तक चलता आ रहा ही , उसको देखे वाला कोई नहीं, न भाजपा की सरकार, न जनता दल की सरकार , न लालू जी की सरकार आर न कांग्रेस के सरकार सब पार्टयों से संसद चुन कर गया हुआ है और उस रशाते में सबका घर परता व् है लेकिन लेकिन लगा हुआ है......... कियोकी किसी सरकार में दम ही नहीं जो मिथिलांचल का विकाश चाहे, हमलोग ने निर्णय किया की इसी बार के विधानसभा के इलेक्शन में सब पार्टियों को इट से इट बजा देंगे. आब हमे आप लोगो का साथ चाहिए. आपको एक कहाबत मालूम है की मिथिला के लिए जब आन्दोलन नहीं करेंगे तो हमें मिथिला नहीं मिलेगा. " पायाब निज अधिकार कतहु की बिना झगरने, अछि सलाई में काठी, बारात की बिना रगारने" ये दोस्तों फ़ॉर्मूला ले कर के चले. और मिथिलांचल बनाने में सहयोग करने का कास्ट करे , जय मिथिला , जय मैथिली

जाती आधारित जनगणना का अखिल भारतीय मिथिला विकाश सेना विरोध करता है, क्षेत्रीय भाषा आधारित जनगणना का हम समर्थन करते है , इसीसे हमर मिथिलांचल का जन्शंखिया का पता चलेगा,

धन्यवाद,

आपलोगों का बंधू


कुमोद नारायण चौधरी
राष्ट्रीय सभापति
अखिल भारतीय मिथिला विकाश सेना
गुड्स ट्रांसपोर्ट रोड वोर्केर्स उनिओन
भुत पूरब प्रत्याशी कोलकाता उत्तर लोकसभा केंद्र
मोबाइल : 09748532929
Email : kumodchoudhary@gmail.com

Friday, April 23, 2010

Mithila Rajaya Ka Mang Karo

मैथिली क उपेक्षा आब आओर नहि कैल जा सकैत अछि। अपन भावनाक सबस नीक जेकां व्यक्त करबा लेल मातृभाषा स नीक कोनो जरिया नहि होइत अछि। मातृभाषाक सम्मान केला स कोनो आन भाषाक विरोध या अपमान क सवाल नहि अछि। कहब छल जे मैथिलीक विकास स मिथिला आ बिहारक विकास संभव अछि। ओना जहां तक मैथिलीक सवाल अछि, इ भारतक सबस मीठ भाषा अछि, साहित्य समृद्ध अछि आइ अखबार सेहो निकलि गेल। आब समाद क जरिए मिथिला क्षेत्र क संस्कृति आ विचार क पहचान क दायरा पैघ होयत। देश मे मिथिलांचल एकटा एहन क्षेत्र क रूप मे जानल जाइत अछि, जाहि ठाम धार्मिक छुआछूत नहि अछि। जे देश मे मिथिलांचल एकटा एहन क्षेत्र क रूप मे जानल जाइत अछि, जाहि ठाम धार्मिक छुआछूत नहि नहि अछि। अटल बिहारी वाजपेयी क प्रधानमंत्रित्वकाल मे मैथिली कए आठम अनुसूची मे शामिल करबेवा लेल काफी मेहनत करय पड़ल। संयोग स वाजपेयी सरकार मे शाहनवाज एक मात्र एहन कैबिनेट मंत्री छलाह जे मैथिली भाषी छलाह। अन्य बिहारी आ मैथिल मंत्रीक कहब छल जे भोजपुरी कए पहिने शामिल कैल जाए। राजधानी दिल्ली मे मैथिलक संख्या लाख से ऊपर अछिए एहन मे हमरा बस कए संगठित रूप स सामने एबाक चाही, जाहि मे समाद परिवार मदद करि सकैत अछि। एकटा पैघ मैथिली सम्मेलन करेबाक योजना बना रहल छ। जाहि मे मैथिली आ मिथिला स जुड़ल लोक कए एक ठाम अनबाक प्रयास कैल जाइत। एहि सम्मेलन क जरिए विभिन्न राजनेता, बुद्घिजीवी, अधिकारी, पत्रकार सहित समाज क अन्य लोक कए एकटा मंच पर अनबाक चाही।

Dhanyabad

Kumod Choudhary
President : Mithila Vikash Sena
Mob : 09748532929